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केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान में राष्ट्रीय भेड़-ऊन एवं किसान मेला व कार्यशाला का आयोजन


केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर में शनिवार दिनांक 29 सितम्बर, 2018 को एक दिवसीय राष्ट्रीय भेड़-ऊन एवं किसान मेला एवं “किसानों की आय दोगुनी करने में सहायक छोटे पशु भेड़-बकरी एवं खरगोश” कार्यशाला का आयोजन किया गया। मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधामोहन सिंह ने फीता काट व दीप प्रज्वलित कर किया। अविकानगर पहुंचने पर निदेशक डा॰ अरूण कुमार तोमर द्वारा केन्द्रीय कृषि मंत्री की अगुवानी की गई। केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थानए अविकानगर में केन्द्रीय कृषि मंत्री ने नवनिर्मित कृत्रिम गर्भाधान प्रयोगशाला भवन का अनावरण किया। उन्होंने विभिन्न सैक्टरों पर भ्रमण कर उन्नत नस्ल के भेड़ व मेंढ़े तथा प्रदर्शनियों का अवलोकन  किया। इस अवसर पर उन्होंने एक खरगोश इकाई व 10 उन्नत नस्ल के मेंढ़ों का किसानों को निःशुल्क वितरण भी किया। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधामोहन सिंह ने केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान में राष्ट्रीय स्तरीय कृषि मेले में बड़ी संख्या में आये लगभग 6000 किसानों, महिला कृषकों, वैज्ञानिकों को नवीन तकनीक आधारित रोजगारोन्मुख कार्यों में तेजी लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक नई-नई तकनीक तैयार कर रहे हैं। उन्होंने सन 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए मिट्टी की सेहत सुधारने, खेती के लिए पानी का इंतजाम करने सहित नवीन तकनीकी से उन्नत खेती व साथ में पशुपालन करने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने वैज्ञानिकों से कहा कि वे शौधित नई तकनीक नीचे तक किसानों को पहुंचाए जिससे उनको लाभ मिलें।

                इस अवसर पर राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री श्री प्रभुलाल सैनी, क्षेत्रीय सांसद श्री सुखबीर सिंह जोनापुरिया एवं क्षेत्रीय विधायक श्री कन्हैयालाल चैधरी ने भी इस अवसर पर किसानों को सम्बोधित किया एवं सरकार की विभिन्न कृषि  कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। विधायक ने क्षेत्र की समस्याओं के मद्देनजर किसानों के हितार्थ गाय-भैंस अनुसंधान व तकनीकी हेतु इस क्षेत्र में एक केन्द्र खोलने की मांग रखी जिसे केन्द्रीय मंत्री श्री राधामोहन सिंह ने स्वीकार करते हुये घोषणा की कि राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थानए करनाल का अविकानगर में दो माह में एक रिजनल फील्ड सेंटर खोल दिया जायेगा जिससे क्षेत्र के किसानों को पशुपालन में अधिकाधिक सुविधा एवं लाभ हो। संस्थान के निदेशक डा॰ अरूण कुमार तोमर ने अपने सम्बोधन में बताया कि इस राष्ट्रीय मेले में विभिन्न राज्यों हरियाणा, उत्तराखण्ड, महाराष्ट्र, तमिलनाडू, कर्नाटक, गुजरात एवं राजस्थान के अलग-अलग भागों से आये लगभग 6000 किसानों ने, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केन्द्रों, गैर सरकारी संघठनों एवं कृषि सम्बन्धित व्यापारियों द्वारा प्रदर्शनी स्थल पर लगायी गयी करीब 60 स्टालों का अवलोकन किया एवं लाभान्वित हुए। साथ ही निदेशक ने संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान द्वारा विकसित की गयी नस्ल अविशान एक बार में दो से तीन बच्चे देती है जो कि किसानों की आय दोगुनी करने में एक बड़ा कदम है। इसके अलावा पशु पोषणए पशु स्वास्थ्य केलेण्डर से मृत्यु दर में कमी आयी है जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। मेले के समापन पर डा॰ आर्तबन्धु साहू ने सफल राष्ट्रीय मेला आयोजन हेतु सभी का धन्यवाद किया।

 

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